Trending

Bharat VS India: संविधान से ‘इंडिया’ शब्द हटेगा या नहीं? सुप्रीम कोर्ट ने दिया ये जवाब

नई दिल्ली।
India VS Bharat: संविधान से ‘इंडिया’ शब्द हटाने की याचिका पर आज सुप्रीम कोर्ट ( Supreme Court ) ने सुनवाई से इनकार कर दिया। मुख्य न्यायाधीश जस्टिस बोबडे की बेंच ने याचिकाकर्ता के वकील से कहा कि आप अपनी मांग सरकार के समक्ष रखें। उन्होंने कहा, हमारे संविधान में शुरुआत से ही इंडिया जो भारत है, कहा गया है। ऐसे में आपको दिक्कत क्या है। इस पर याचिकाकर्ता के वकील ने दलील देते हुए कहा ‘इंडिया’ नाम ग्रीक शब्द “इंडिका” से निकला है। साथ ही सदियों से भारत और भारत माता की जय बोलते आ रहे हैं। इस पर कोर्ट ने सुनवाई से इनकार करते हुए वकील से कहा कि आप गृह मंत्रालय के सामने अपनी बात रख सकते हैं।

कोरोना संकट और तूफान के खतरे के बीच भूकंप के झटकों से हिली धरती

इंडिया में झलकती है गुलामी
दिल्ली निवासी एक व्यक्ति ने सुप्रीम कोर्ट में संविधान से ‘इंडिया’ शब्द हटाकर ‘भारत’ या ‘हिंदुस्तान’ करने की जनहित याचिका दायर की थी। याचिकाकर्ता का कहना है कि ‘इंडिया’ शब्द में अंग्रेजों की गुलामी झलकती है। इसलिए इंडिया की जगह ‘भारत’ या ‘हिंदुस्तान’ नाम होना चाहिए। याचिका में सुप्रीम कोर्ट से सरकार को संविधान के अनुच्छेद 1 में संशोधन के लिए उचित कदम उठाते हुए ‘इंडिया’ शब्द को हटाकर, देश को ‘भारत’ या ‘हिंदुस्तान’ कहने का निर्देश देने की मांग की गई थी।

अगले कुछ घंटों में अलीबाग से टकराएगा Cyclone Nisarga, जानें खतरे के बीच क्या करें और क्या नहीं?

1948 में भी उठी थी मांग
याचिका में बताया गया कि वर्ष 1948 में संविधान सभा में भी ‘इंडिया’ नाम को लेकर विरोध हुआ था। देश को अंग्रेजी में इंडिया नाम दिया गया था। वर्ष 1948 को संविधान के आर्टिकल-1 के मसौदे पर बहस हुई। जिसमें एम. अनंतशयनम अय्यंगर और सेठ गोविंद दास ने ‘इंडिया’ शब्द का भारी विरोध हुआ था। इसकी जगह भारत, भारतवर्ष और हिंदुस्तान के नाम का सुझाव दिया गया था।

Click to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Most Popular

To Top